Tips for Peaceful Family
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Tips for Peaceful Family

घर में सुख शांति के सरल उपाय

1. जीवन में अथवा परिवार के सदस्यों में झगड़े होते हों तो परिवार का मुख्य व्यक्ति रात्रि को अपने पलंग के नीचे एक लोटा पानी रख दें और सुबह गुरुमंत्र अथवा भगवन्नाम का उच्चारण करके वह जल पीपल को चढाये | इससे पारिवारिक कलह दूर होंगे, घर में शांति होगी |

2. तुलसी-गमले की प्रतिदिन एक प्रदक्षिणा करने से लक्ष्मीप्राप्ति में सहायता मिलती है |

3. तुलसी के थोड़े पत्ते पानी में डाल के उसे सामने रखकर भगवद्गीता का पाठ करें | फिर घर के सभी लोग मिल के भगवन्नाम-कीर्तन करके हास्य-प्रयोग करें और वह पवित्र जल सब लोग ग्रहण करें | यह प्रयोग करने से घर के झगड़े मिटते हैं, शराबी की शराब छूटती है और घर में सुख-शान्ति का वास होता है |

4. घर के मध्य में तुलसी का पौधा रखने एवं प्रतिदिन भोजन पूर्व गोग्रास निकालने से घर में सुख-समृद्धि एवं मान-सम्मान की वृद्धि होती है |

5. अमावस्या के दिन हो सके तो  उपवास  करें, गीता के सातवें अध्याय का पाठ करें और सूर्य भगवान को जल चढ़ाएँ इसे घर में सुख शांति बनी रहने में मदद मिलेगी |  

                                 ग्रहजन्य पीड़ा से रक्षा

6.    ब्रह्मपुराण के ११ वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं : “मेरे दिन अर्थात शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगें, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी | जो शनिवार को प्रात: काल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगें, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी |”

7.  ग्रहदोष और ग्रहबाधा जिनको भी लगी हो, वे अपने घर में ९ अंगुल चौड़ा और ९ अंगुल लम्बा कुमकुम का स्वस्तिक बना दें तो ग्रहबाधा की जो भी समस्याएँ हैं, दूर हो जायेंगी |

अन्य

8.   घर के सभी सदस्य प्रतिदिन अपने गुरुमंत्र का जप करें तथा सत्संग का आश्रय लें ।


9. गोमूत्र, गंगाजल, कुमकुम, हल्दी और इत्र, इन पाँच चीजों को मिलाकर घर की दीवारों पर स्वास्तिक बनाने से प्रसन्नता बढती है तथा धनामत्क उर्जा का विकास होता है । फिटकरी को घर में रखनें से ऋणायनों तथा धन की ऊर्जा की वृद्धि होती है। घर के क्लेश, वास्तुदोष और बुरी नजर के प्रभाव से रक्षा होती है। आश्रम से बना हुआ गृहदोष बाधा-निवारक यंत्र भी घर में रख सकते हैं।


10.  जहाँ तक हो सके परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करें। इससे आपसी प्रेम व सौहार्द की वृद्धि व समय की बचत होती है।

11. अशोक, आम, पीपल एवं कनेर के पत्तों को धागे में बाँधकर तोरण बना के मकान के मुख्य द्वार पर लटकाने से सुख-सम्पन्नता के साथ साथ मन की शांति भी प्राप्त होती है।
 है।

12. सुख-शांति आनंद के लिए 'भगवद्गीता' के ग्यारहवें अध्याय का 36वाँ श्लोक अर्थसहित लाल स्याही से लिखकर घर में टांग दें।


स्थाने हृषीकेश तव प्रकर्त्या जगत्प्रहृष्यत्यनुरज्यते च।
रक्षांसि भीतानि दिशो द्रवन्ति सर्वे नमस्यन्ति च सिद्धसंघा।।


हे अंतर्यामिन् !  यह  योग्य ही है कि आपके नाम, गुण और प्रभाव के कीर्तन से जगत अति हर्षित हो रहा है और अनुराग को भी प्राप्त हो रहा है तथा भयभीत राक्षस लोग दिशाओं में भाग रहे हैं और सब सिद्धगणों के समुदाय नमस्कार कर रहें हैं ।


13.  पति-पत्नी में झगडा हो गया हो और उसका शमन करना हो तो पति-पत्नी दोनों पार्वतीजी  को तिलक करके उनकी ओर एकटक देखें और प्रार्थना करें। अगर पति-पत्नी को निकाल देना चाहता है तो पत्नी यह प्रयोग करे। इससे यह झगडा शांत हो जायेगा।

 

                  घर में कुत्ता-बिल्ली पालना हानिकारक

14. कुत्ते के खान-पान, स्पर्श व उसके जगह-जगह बैठने से गृहस्थ के खान-पान, रहन-सहन में अपवित्रता आती है | कुत्ते को केवल खेत आदि की रक्षा के लिए रखें | उसको रोटी दें पर अपने से उसको दूर ही रखें | उसको अपने साथ रखना, अपने साथ घुमाना, आलिंगन करना निषिद्ध है |

  15 .  भूमि-पूजन, वास्तु-शांति, गृह-प्रवेश आदि सामान्यत: शनिवार एवम मंगलवार को नहीं करने चाहिए |

 

 

 

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