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सगर्भावस्था में उत्तम टॉनिक- पानक
सगर्भावस्था में उत्तम टॉनिक- पानक

सगर्भावस्था में लाल रक्तकणों(RBC) की वृद्धि तथा आर.एन.ए. (Genetic material),  मज्जारज्जु (Spinal cord) व मस्तिष्क (Brain) के समुचित विकास के लिए फॉलिक एसिड की प्रतिदिन ६०० माइक्रोग्राम आवश्यकता होती है । इसके अभाव में गर्भिणी में पांडुरोग (megaloblasticanemia), शिथिलता, शिर:शूल, अप्रसन्नता, विस्मृति आदि समस्याएँ उत्पन्न होती हैं तथा शिशु को भी अनेक गंभीर दुष्परिणाम होने की संभावनाएँ रहती  हैं । सूखे मेवे फॉलिक एसिड का उत्तम स्त्रोत है । इनमें आयरन , कैल्शियम व जीवनीय तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं ।

 

पानक बनाने की विधि

रात को एक कटोरी में २-३ बादाम, १ चम्मच खरबूजे या पेठे के बीज अथवा १०-१५ मूंगफली के दाने, १-२ खजूर, १ अंजीर तथा ५-७ मुनक्का अथवा काली द्राक्ष पानी में भिगोकर रखें । सुबह बादाम के छिलके व खजूर के बीज निकालकर सभी द्रव्यों को पानी के साथ महीन पीस लें । दूध के समान द्रव्य रूप पेय बनायें । इसमें १ चम्मच शहद मिलाकर धीरे-धीरे चुस्की लेते हुए पियें। गर्मियों में मूंगफली व खजूर के स्थान पर नारियल व किशमिश का उपयोग करना हितकर है । पानकबनाने में काजू व पिस्ते का उपयोग नहीं करें ।

पानक शारीरिक व मानसिक थकावट को दूर कर शीघ्र ही शक्ति व स्फूर्ति प्रदान करता है । इसमें ८- १० ग्राम गर्भपुष्टिकल्प मिलाने से जीवनीय तत्वों में अभिवृद्धि होती है ।जिन्हें देशी गाय का दूध व घी उपलब्ध नहीं हो पाता उनके लिए यह पानक उत्तम विकल्प है ।

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