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सूर्य को अर्घ्य देने से बढ़ती है नेत्रज्योति और बुद्धि-शक्ति
सूर्य को अर्घ्य देने से बढ़ती है नेत्रज्योति और बुद्धि-शक्ति

-: जानिए वैज्ञानिक तथ्य :-


वैज्ञानिकों के अनुसार प्रातः काल की बेला में सूर्य के प्रतिबिम्ब को नदियों तथा तालाबों में देखने से अनेक नेत्र रोगों से बचा जा सकता है ।

भारतीय ग्रंथों में इसके लिए सूर्य को जल (अर्घ्य) देने का विधान आदिकाल से चला आ रहा है ।

सूर्योदय के थोड़े ही समय बाद जल से भरा हुआ ताँबें का लौटा हाथ में लेकर सूर्य की ओर मुँह करके खड़े हो जायें । लोटे को छाती के सामने बीचोंबीच लाकर लोटे में भरे जल की धारा धीरे-धीरे किसी स्वच्छ स्थान पर छोड़ना प्रारंभ करें । इस समय आप लोटे के उभरे हुए किनारे पर दृष्टिपात करेंगे तो आपको सूर्य का प्रतिबिंब एक छोटे से बिंदु के रूप में दिखेगा । इस बिंदु पर दृष्टि को एकाग्र करने से आपको सप्तरंगों के वलय दिखेंगें ।

  • इन शीतल सौम्य रश्मियों का नित्य सेवन करने से मोतियाबिंद जैसे रोगों में भी लाभ होता है तथा नेत्रज्योति बढ़ती है ।
  • इस प्रकार सूर्यनारायण की कृपा से नेत्र तेजस्वी बनते हैं, नेत्रज्योति क्षीण होने से बचती हैं तथा बुद्धि-शक्ति बढ़ती है ।
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