चलें स्वे की ओर....शिविर


नारी शक्ति का जागरण तब होगा ।
'स्व की ओर' जब नारी का पग होगा।।
आत्मप्रभा को हे नारी तू विकसित कर ।
जप-ध्यान कर आत्मबल को खुद में भर ।।

नारी घर-परिवार की नींव होती है । यदि नारी संस्कारवान, नियमनिष्ठ,ईश्वरपरायण है तोपरिवार में सुख-शांति, भक्ति का माहौल बना रहता है, बच्चों मेंभी संयम-सदाचार, भक्ति के संस्कारआने लगते हैंव उसका घर मंदिर के समान पवित्र हो जाता है । अतः आश्रम के पवित्र आध्यात्मिक वातावरण में जप-ध्यान द्वारानारी में आत्मबल भरकर, उसकी सुषुप्त शक्तियों को जगाने व स्व की ओर अग्रसर करने के प्रयास सेआयोजित किया जाते हैं ‘चलें स्व की ओर…’ शिविर

     इन जप-अनुष्ठान शिविरोंमें आप पायेंगे ....

    आश्रम के पवित्र व शांत आध्यात्मिक वातावरण में जप-ध्यान, साधना का लाभ,
    अपने भीतर छुपी हुई दिव्यता के प्रकटीकरण की रीति,
    तन तंदुरुस्त, मन प्रसन्न और बुद्धिमें बुद्धिदाता का प्रकाश हो, ऐसी युक्तियाँ,
    जीवन में आत्मविश्वास, धैर्य-शौर्य और निर्भयता का विकास,
    गृहस्थ जीवन को प्रभु रसमय बनाने की राह,
    अपने वास्तविक सौन्दर्य को प्राप्त करने के उपाय,
    यौगिक क्रियाऔं(आसन, मुद्राओं) का प्रत्यक्ष प्रयोग और प्रशिक्षण,
    आकर्षक बुद्धिवर्धकखेल व स्पर्धाएँ,
    अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा समस्या-समाधान व उचित मार्गदर्शन ।

अपनी वास्तविक उन्नति चाहनेवाली युवतियाँ व महिलाएँ इन शिविरों का लाभ लेना न भूलें । 

संत श्री आशारामजी आश्रम मालेगांव के तत्त्वावधान में औरंगाबाद के पुलिसकर्मियों को होमियोपैथी मेडिसिन वितरण

Aurangabad-medicine


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Chalein Swa Ki Aur Shivir

27 दिसम्बर 2019 से 2 जनवरी 2020 तक 7 दिवसीय ' चलें स्व की ओर शिविर' में हुए विभिन्न गतिविधियों की कुछ झलकियाँ