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Tips for Peace in Family

Tips for Peace in Family

                  कुछ जीवनोपयोगी बातें

पारिवारिक शांति के लिए

१.    जीवन में अथवा परिवार के सदस्यों में झगड़े होते हों तो परिवार का मुख्य व्यक्ति रात्रि को अपने पलंग के नीचे एक लोटा पानी रख दें और सुबह गुरुमंत्र अथवा भगवन्नाम का उच्चारण करके वह जल पीपल को चढाये | इससे पारिवारिक कलह दूर होंगे, घर में शांति होगी |

२.           घर में कुत्ता-बिल्ली पालना हानिकारक

कुत्ते के खान-पान, स्पर्श व उसके जगह-जगह बैठने से गृहस्थ के खान-पान, रहन-सहन में अपवित्रता आती है | कुत्ते को केवल खेत आदि की रक्षा के लिए रखें | उसको रोटी दें पर अपने से उसको दूर ही रखें | उसको अपने साथ रखना, अपने साथ घुमाना, आलिंगन करना निषिद्ध है |

३.                ग्रहजन्य पीड़ा से रक्षा

·        ब्रह्मपुराण के ११ वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं : “मेरे दिन अर्थात शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगें, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी | जो शनिवार को प्रात: काल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगें, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी |”

·        ग्रहदोष और ग्रहबाधा जिनको भी लगी हो, वे अपने घर में ९ अंगुल चौड़ा और ९ अंगुल लम्बा कुमकुम का स्वस्तिक बना दें तो ग्रहबाधा की जो भी समस्याएँ हैं, दूर हो जायेंगी |

४. सभी गृहस्थियों को अपने-अपने पितरों की तृप्ति के लिए श्राद्ध अवश्य करना चाहिए | इससे उनकी प्रसन्नता और सहयोग प्राप्त किया जा सकता है |

५. गृहस्थियों के शयन कक्ष में सफेद संगमरमर नहीं लगवाना चाहिए | यह मन्दिर में लगाने हेतु उचित है क्योंकि पवित्रता का घ्योतक है |

६. वास्तु के मुख्य द्वार के सामने भोजन-कक्ष, रसोईघर या खाने की मेज नहीं होनी चाहिए |

७. भूमि-पूजन, वास्तु-शांति, गृह-प्रवेश आदि सामान्यत: शनिवार एवम मंगलवार को नहीं करने चाहिए |

८. तुलसी-गमले की प्रतिदिन एक प्रदक्षिणा करने से लक्ष्मीप्राप्ति में सहायता मिलती है |

९. तुलसी के थोड़े पत्ते पानी में डाल के उसे सामने रखकर भगवद्गीता का पाठ करें | फिर घर के सभी लोग मिल के भगवन्नाम-कीर्तन करके हास्य-प्रयोग करें और वह पवित्र जल सब लोग ग्रहण करें | यह प्रयोग करने से घर के झगड़े मिटते हैं, शराबी की शराब छूटती है और घर में सुख-शान्ति का वास होता है |

 

 

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