माँ का खानपान भी प्रभावित करता है गर्भस्थ शिशु को
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माँ का खानपान भी प्रभावित करता है गर्भस्थ शिशु को

माँ का खानपान भी प्रभावित करता है गर्भस्थ शिशु को

एक गोरे दम्पत्ति को साँवला पुत्र हुआ । दोनों आश्चर्यचकित हो गये । विभिन्न तरीकों से जाँच होने पर पता चला कि सगर्भावस्था में बालक स्वस्थ हो इसके लिए माँ कैल्शियम , विटामिन्स और आयरन की बाजारू दवाइयाँ खाती थी । अधिक मात्रा में आयरन की गोलियाँ खाने की वजह से बालक का रंग साँवला हो गया । अतः सगर्भावस्था में खानपान का ध्यान रखना अति आवश्यक है ।

·         ( सगर्भावस्था में खानपान का मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु पढ़ें महिला उत्थान मंडल की पुस्तक ‘ दिव्य शिशु संस्कार ’ , पृष्ठ १३ से २१ )

 

·         पौष्टिक नाश्ता

 

·          चना , मूँग, मोठ एक कटोरी में भिगोकर रखें । एक मुट्ठी मूंगफली व एक चमच्च तिल (काले हों तो उत्तम ) रात को पानी  में भिगो दें । सुबह नमक मिला के उबाल लें । इसमें हरा धनिया , पालक व पत्तागोभी काट के तथा चुकंदर , मूली एवं गाजर कद्दूकस करके मिला दें ( गाजर उबली हुई लेना ज्यादा हितकर है ) । ऊपर से काली मिर्च बुरक के नींबू निचोड़ दें । चार व्यक्तियों के लिए नाश्ता तैयार है । इसे खूब चबा-चबाकर खायें । यह नाश्ता सभी प्रकार के खनिज – द्रव्यों , प्रोटीन्स , विटामिन्स व आवश्यक कैलोरीज की पूर्ति करता है । जिनकी उम्र ६० साल से अधिक है व जिनकी पाचन शक्ति कमजोर है , उनको यह नाश्ता नहीं करना चाहिए ।  

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